स्टैंड-अप इंडिया 2026: SC/ST/महिला के लिए ₹10 लाख–₹1 करोड़ लोन

स्टैंड-अप इंडिया योजना 2026: SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बिजनेस लोन

मुख्य बिंदु: नए (ग्रीनफील्ड) व्यवसाय की स्थापना हेतु ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का समग्र लोन (Composite Loan) · केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला उद्यमियों (आयु 18+ वर्ष) के लिए · 7 वर्ष तक की पुनर्भुगतान अवधि और 18 महीने का मोराटोरियम (Moratorium) · आधिकारिक पोर्टल: standupmitra.in · देश की प्रत्येक बैंक शाखा द्वारा प्रतिवर्ष कम से कम 1 SC/ST और 1 महिला उद्यमी को लोन देने का कानूनी अधिदेश।

भारत सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2016 को शुरू की गई स्टैंड-अप इंडिया योजना (Stand-up India Scheme) देश में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला उद्यमियों के बीच उद्यमशीलता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। जहां प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMAY/MUDRA) छोटे स्तर के सूक्ष्म ऋणों (₹50,000 से ₹20 लाख) की पूर्ति करती है, वहीं स्टैंड-अप इंडिया मध्यम आकार के उद्यमों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक के बैंक ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करती है।

भारत में सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (Scheduled Commercial Banks) की प्रत्येक शाखा को प्रतिवर्ष कम से कम एक अनुसूचित जाति/जनजाति के उधारकर्ता और कम से कम एक महिला उद्यमी को नया उद्यम शुरू करने हेतु स्टैंड-अप इंडिया लोन स्वीकृत करना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandate) किया गया है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं और शर्तें — What the Scheme Covers

  • ऋण की सीमा: ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का कंपोजिट लोन (मियादी ऋण / Term Loan + कार्यशील पूंजी / Working Capital दोनों शामिल)।
  • ब्याज दर: बैंक की MCLR दर + 3% तक + टेनर प्रीमियम (प्रभावी रूप से सामान्यतः 9% से 12% वार्षिक)।
  • ऋण अवधि: अधिकतम 7 वर्ष तक की आसान किस्तों में पुनर्भुगतान।
  • मोराटोरियम अवधि (Moratorium Period): अधिकतम 18 महीने की छूट — यानी व्यवसाय स्थापित होने और राजस्व आना शुरू होने तक ईएमआई नहीं चुकानी होती।
  • मार्जिन मनी (Margin Money): कुल प्रोजेक्ट लागत का 25% हिस्सा उद्यमी का मार्जिन होता है; जिसे राज्य सरकार की सब्सिडी या कन्वर्जेंट योजनाओं के साथ मिलाकर 15% तक भी लाया जा सकता है।
  • केवल ग्रीनफील्ड उद्यम (Greenfield Enterprise): केवल बिल्कुल नए उद्यम की स्थापना के लिए लोन मिलता है — मौजूदा व्यवसाय के विस्तार या अधिग्रहण के लिए नहीं।
  • पात्र क्षेत्र: विनिर्माण (Manufacturing), सेवा क्षेत्र (Services), व्यापार (Trading) और कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियां।
  • क्रेडिट गारंटी (CGSSI): सरकार द्वारा CGSSI क्रेडिट गारंटी कवर उपलब्ध कराया जाता है, जिससे बड़े कोलेटरल/बंधक की आवश्यकता काफी कम हो जाती है।

पात्रता — Who Qualifies

मुख्य पात्रता शर्तें

  • भारतीय नागरिक: आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • श्रेणी पात्रता: आवेदक निम्नलिखित में से कम से कम किसी एक वर्ग से होना चाहिए: – अनुसूचित जाति (SC) – अनुसूचित जनजाति (ST) – महिला उद्यमी (सभी जातियों/वर्गों की महिलाएं पात्र)
  • स्वच्छ बैंकिंग रिकॉर्ड: आवेदक किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए (CIBIL स्कोर साफ-सुथरा हो)।
  • नया उद्यम: परियोजना पूरी तरह से नई (ग्रीनफील्ड) होनी चाहिए।

उद्यम का स्वरूप (Enterprise Structure)

  • एकल स्वामित्व (Proprietorship), साझेदारी फर्म (Partnership), LLP या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी।
  • यदि उद्यम गैर-व्यक्तिगत (कंपनी/फर्म) है, तो उसमें कम से कम 51% हिस्सेदारी व नियंत्रणकारी शेयर SC/ST अथवा महिला प्रवर्तक के पास होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेज़ — Documents Required

पहचान और वर्ग प्रमाण पत्र

  • आधार कार्ड और पैन कार्ड (PAN Card)।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी डिजिटल जाति प्रमाण पत्र (SC/ST आवेदकों के लिए अनिवार्य)।
  • महिला आवेदकों के लिए अलग से प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं — आधार कार्ड पर दर्ज लिंग ही पर्याप्त है।

व्यावसायिक एवं परियोजना दस्तावेज़

  • विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Detailed Project Report – DPR): 3 वर्षों का वित्तीय अनुमान, बाजार विश्लेषण और कार्य योजना।
  • उद्यम पंजीकरण (Udyam MSME Certificate) अथवा पार्टनरशिप डीड / कंपनी निगमन प्रमाण पत्र (MoA/AoA)।
  • मशीनरी, उपकरण और कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं के आधिकारिक कोटेशन।
  • व्यावसायिक स्थल का प्रमाण — लीज/किराया अनुबंध अथवा भूमि/भवन स्वामित्व कागजात।
  • जीएसटी पंजीकरण (GSTIN) और संबंधित वैधानिक लाइसेंस (प्रदूषण नियंत्रण, FSSAI आदि यदि लागू हो)।

वित्तीय रिकॉर्ड

  • आवेदक का पिछले 12 महीनों का बैंक खाता विवरण (Bank Statement)।
  • पिछले वर्षों की आईटीआर (ITR) — यदि पहले से दाखिल की गई हो (नए युवाओं के लिए अनिवार्य नहीं)।
  • प्रोजेक्ट का कैश-फ्लो और लाभ-हानि अनुमानित विवरण।

आवेदन कैसे करें — How to Apply

विकल्प 1: स्टैंड-अप मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन (अनुशंसित)

  1. आधिकारिक वेबसाइट https://www.standupmitra.in खोलें।
  2. “Register” पर क्लिक करें और व्यक्तिगत या गैर-व्यक्तिगत उधारकर्ता श्रेणी चुनें।
  3. अपनी व्यक्तिगत जानकारी, व्यापार श्रेणी और प्रस्तावित प्रोजेक्ट लागत दर्ज करें।
  4. अपनी पसंद का बैंक और निकटतम बैंक शाखा चुनें।
  5. वांछित दस्तावेज़ और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करें।
  6. फॉर्म सबमिट करने पर एक आवेदन आईडी (Application ID) प्राप्त होगी।
  7. पोर्टल आपके आवेदन को सीधे चुनी गई बैंक शाखा और जिला लीड बैंक मैनेजर (LDM) को प्रेषित कर देता है।
  8. यदि आपको बिजनेस प्लान बनाने या ट्रेनिंग की आवश्यकता है, तो पोर्टल पर निःशुल्क हैंडहोल्डिंग (Mentorship) सपोर्ट भी चुन सकते हैं।

विकल्प 2: सीधे बैंक शाखा में जाकर

  1. किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक (SBI, PNB, Canara Bank आदि) या निजी बैंक शाखा में जाएं।
  2. शाखा प्रबंधक से “Stand-up India Composite Loan” के लिए आवेदन फॉर्म मांगें।
  3. प्रोजेक्ट रिपोर्ट और कोटेशन के साथ फॉर्म भरकर जमा करें।
  4. बैंक द्वारा 30 से 60 दिनों में क्रेडिट मूल्यांकन और तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता की जांच की जाती है।
  5. स्वीकृति मिलने पर ऋण अनुबंध पर हस्ताक्षर होते हैं और राशि सीधे उपकरण विक्रेता/खाते में जारी की जाती है।

विकल्प 3: जिला उद्योग केंद्र (DIC) और LDM की सहायता

प्रत्येक जिले में कार्यरत जिला अग्रणी प्रबंधक (LDM) और जिला उद्योग केंद्र (DIC) पहली बार व्यापार शुरू करने वाले SC/ST व महिला उद्यमियों को डीपीआर बनाने और बैंक समन्वय में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

CGSSI क्रेडिट गारंटी योजना — कम कोलेटरल का लाभ

स्टैंड-अप इंडिया क्रेडिट गारंटी योजना (CGSSI) के तहत भारत सरकार बैंकों को ₹1 करोड़ तक के ऋण पर डिफ़ॉल्ट जोखिम की गारंटी देती है। इससे नए उद्यमियों को बैंक को भारी संपार्श्विक प्रतिभूति (Collateral/अचल संपत्ति बंधक) देने की बाध्यता से बहुत बड़ी राहत मिलती है। बैंक इसके लिए एक नाममात्र गारंटी शुल्क लेते हैं जो ऋण प्रक्रिया में समाहित होता है।

निःशुल्क हैंडहोल्डिंग सहायता (Free Mentorship)

स्टैंड-अप इंडिया पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल लोन ही नहीं देता, बल्कि नए उद्यमियों को प्रशिक्षण और सलाह भी उपलब्ध कराता है:

  • डीपीआर (व्यवसाय योजना) तैयार करने में तकनीकी सहायता।
  • बाजार अनुसंधान और वित्तीय अनुमान तैयार करना।
  • बैंकिंग दस्तावेज़ीकरण और कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करना।
  • उद्यम शुरू होने के बाद कौशल विकास और मार्गदर्शन।

प्रोजेक्ट लागत और मार्जिन मनी का गणित

  • बैंक ऋण: कुल स्वीकृत परियोजना लागत का 75% से 85% तक।
  • उद्यमी का मार्जिन (15% से 25%):
  • उद्यमी का स्वयं का अंशदान।
  • राज्य SC/ST वित्त एवं विकास निगम से प्राप्त अनुदान/सब्सिडी।
  • केंद्रीय या राज्य स्तरीय कन्वर्जेंट सब्सिडी योजनाओं का समायोजन।

उदाहरण गणना: ₹20 लाख के प्रोजेक्ट हेतु

मद (Item) राशि
कुल प्रोजेक्ट लागत ₹20,00,000
बैंक ऋण (75%) ₹15,00,000
मार्जिन मनी (25%) ₹5,00,000
— उद्यमी का स्वयं का योगदान ₹2,00,000
— राज्य सरकार/निगम सब्सिडी मार्जिन ₹3,00,000

हेल्पलाइन एवं संपर्क सूत्र — Official Helpline

सेवा / संस्था संपर्क विवरण
स्टैंड-अप इंडिया राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-1111
सिडबी (SIDBI) नोडल कार्यालय 022-67531155
आधिकारिक पोर्टल https://www.standupmitra.in

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Last verified: 20 April 2026. Official source: https://www.standupmitra.in

यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। यहां दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।

स्टैंड-अप इंडिया लोन के लिए कौन पात्र है?

18 वर्ष से अधिक आयु के भारतीय नागरिक जो अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) अथवा महिला वर्ग से संबंधित हों और नया (ग्रीनफील्ड) उद्यम शुरू कर रहे हों।

क्या स्टैंड-अप इंडिया से पुराने व्यवसाय का विस्तार किया जा सकता है?

नहीं। स्टैंड-अप इंडिया लोन केवल नए (ग्रीनफील्ड) व्यवसाय स्थापित करने के लिए दिया जाता है। मौजूदा व्यवसाय के विस्तार के लिए पीएम मुद्रा योजना या सिडबी योजनाएं लागू होती हैं।

आवेदन से लोन वितरण तक कितना समय लगता है?

दस्तावेज़ और प्रोजेक्ट रिपोर्ट पूरी होने पर सामान्यतः 45 से 60 दिनों में बैंक द्वारा लोन स्वीकृत और वितरित कर दिया जाता है।

क्या स्टैंड-अप इंडिया में बैंक को कोलेटरल/बंधक देना जरूरी है?

₹1 करोड़ तक के लोन सीजीएसएसआई (CGSSI) क्रेडिट गारंटी योजना के तहत कवर होते हैं, जिससे कोलेटरल सुरक्षा की अनिवार्यता काफी घट जाती है। हालांकि बैंक प्रोजेक्ट की प्रकृति अनुसार फैसला लेते हैं।

क्या एक ही प्रोजेक्ट के लिए स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा लोन दोनों ले सकते हैं?

नहीं। स्टैंड-अप इंडिया ₹10 लाख से ₹1 करोड़ के लिए है, जबकि मुद्रा ₹20 लाख तक के लिए है। एक ही नए व्यवसाय हेतु दो अलग-अलग केंद्रीय योजनाओं का दोहराव मान्य नहीं है।

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