पीएम विश्वकर्मा योजना 2026: पात्रता, पंजीकरण और लाभ
ज़रूरी बातें एक नज़र में: 18 पारंपरिक शिल्पकला और कारीगरी ट्रेड शामिल · आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का टूलकिट वाउचर · 5 दिवसीय बुनियादी + 15 दिवसीय उन्नत कौशल प्रशिक्षण के साथ ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड · बिना गारंटी 5% रियायती ब्याज पर ₹1 लाख (प्रथम चरण) और ₹2 लाख (द्वितीय चरण) का ऋण · पोर्टल pmvishwakarma.gov.in · कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा निःशुल्क पंजीकरण।
17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना भारत के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पहली राष्ट्रीय स्तर की समर्पित योजना है — जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री और अन्य 12 विधाओं के वे कामगार जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार रहे हैं, किंतु लंबे समय तक औपचारिक बैंकिंग और कल्याणकारी योजनाओं से दूर थे। यह योजना ₹13,000 करोड़ के कुल बजट के साथ 5 वर्षों में 30 लाख से अधिक कारीगर परिवारों को सीधे सशक्त बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
योजना में शामिल 18 पारंपरिक विधाएं (The 18 Eligible Trades)
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत केवल निम्नलिखित 18 पारंपरिक क्षेत्रों के कारीगर पात्र हैं:
- बढ़ई / सुथार (Carpenter)
- नाव बनाने वाले (Boat Maker)
- अस्त्र/कवच बनाने वाले (Armourer)
- लोहार (Blacksmith)
- हथौड़ा और टूलकिट निर्माता (Hammer and Tool-Kit Maker)
- ताला बनाने वाले (Locksmith)
- सुनार / स्वर्णकार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter)
- मूर्तिकार / पत्थर तराशने वाले (Sculptor / Stone Carver)
- मोची / चर्मकार (Cobbler / Footwear Artisan)
- राजमिस्त्री (Mason)
- टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले व कॉयर बुनकर (Basket / Mat / Broom Maker)
- पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता (Doll and Toy Maker)
- नाई (Barber)
- मालाकार / फूल माला बनाने वाले (Garland Maker)
- धोबी (Washerman)
- दर्जी (Tailor)
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले (Fishing-Net Maker)
ध्यान दें: यदि आपका काम इस सूची से बाहर है (जैसे वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक), तो आप इस योजना के पात्र नहीं हैं — यह योजना केवल हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करने वाले पुश्तैनी शिल्पकारों के संरक्षण और उत्थान के लिए बनाई गई है।
पात्रता — कौन ले सकता है योजना का लाभ
- पंजीकरण की तिथि पर आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए
- आवेदक ऊपर सूचीबद्ध 18 विधाओं में से किसी एक में स्वरोजगार (हाथ या पारंपरिक औजारों से) करता हो
- पिछले 5 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य रियायती ऋण योजना (जैसे PMEGP, PM SVAnidhi या मुद्रा लोन) में कोई सक्रिय बकाया ऋण न हो
- प्रति परिवार केवल एक सदस्य ही पंजीकरण करा सकता है (परिवार = स्वयं, पति/पत्नी और अविवाहित बच्चे)
- सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं
पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से होता है और इसका त्रिस्तरीय सत्यापन (Three-tier Verification) किया जाता है — ग्राम प्रधान/नगर पालिका प्रमुख → जिला क्रियान्वयन समिति (DIC) → राज्य स्तरीय समिति → पीएम विश्वकर्मा पोर्टल।
लाभ की पूरी सूची — कारीगरों को क्या-क्या मिलेगा
1. सरकारी मान्यता (PM Vishwakarma Certificate & ID)
सत्यापन पूरा होने के बाद आपको डिजिटल पीएम विश्वकर्मा पहचान पत्र (ID Card) और प्रमाण पत्र दिया जाता है, जो देश भर में आपके पारंपरिक हुनर की आधिकारिक पहचान है।
2. कौशल प्रशिक्षण और ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड
- बुनियादी प्रशिक्षण (Basic Training): 5 से 7 दिन का व्यावहारिक प्रशिक्षण आपके नजदीकी स्किल सेंटर पर
- उन्नत प्रशिक्षण (Advanced Training): 15 दिन या उससे अधिक का आधुनिक कौशल प्रशिक्षण (वैकल्पिक)
- प्रशिक्षण भत्ता (Stipend): प्रशिक्षण के दौरान मजदूरी के नुकसान की भरपाई के लिए ₹500 प्रतिदिन सीधे आपके बैंक खाते में DBT द्वारा भेजे जाते हैं
3. टूलकिट प्रोत्साहन (Toolkit Incentive ₹15,000)
बुनियादी प्रशिक्षण पूरा होने पर आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर (e-Voucher) दिया जाता है। इसे GeM पोर्टल या अधिकृत विक्रेताओं से आधुनिक टूलकिट खरीदने के लिए ही भुनाया जा सकता है (इसे नकद नहीं निकाला जा सकता)।
4. रियायती ऋण सहायता — चरण 1 और चरण 2
| ऋण चरण | ऋण राशि | अवधि (Tenure) | प्रभावी ब्याज दर |
|---|---|---|---|
| प्रथम चरण (Stage 1) | ₹1,00,000 | 18 महीने | मात्र 5% सालाना |
| द्वितीय चरण (Stage 2) | ₹2,00,000 | 30 महीने | मात्र 5% सालाना |
दोनों चरणों का ऋण बिना किसी गारंटी (Collateral-Free) और बिना किसी गारंटर के मिलता है। बैंक की वास्तविक ब्याज दर पर केंद्र सरकार (MSME मंत्रालय) 8% तक की ब्याज सब्सिडी खुद वहन करती है, जिससे कारीगर को केवल 5% का रियायती ब्याज ही चुकाना होता है।
द्वितीय चरण की पात्रता: प्रथम चरण के ₹1 लाख के ऋण का समय पर भुगतान + उन्नत प्रशिक्षण + डिजिटल लेन-देन अपनाने पर दूसरा ₹2 लाख का ऋण स्वीकृत होता है।
5. डिजिटल लेन-देन प्रोत्साहन (Digital Incentives)
ग्राहकों से UPI द्वारा डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर सरकार प्रति ट्रांजेक्शन ₹1 का कैशबैक सीधे आपके बैंक खाते में देती है (प्रति माह 100 ट्रांजेक्शन यानी सालाना ₹1,200 तक)।
6. बाजार पहुंच और विपणन सहायता (Market Linkage)
- गुणवत्ता प्रमाणीकरण और पैकेजिंग सहायता
- सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM Portal) और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर विक्रेता के रूप में सीधा प्रवेश
- राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों (Fairs/Exhibitions) में उत्पादों की बिक्री का अवसर
आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)
- आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- राशन कार्ड (पारिवारिक संरचना की जांच के लिए)
- बैंक खाता पासबुक (जिसमें प्रशिक्षण भत्ता व ऋण आएगा)
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- पारंपरिक शिल्प या व्यवसाय का स्व-घोषणा विवरण
पंजीकरण कैसे करें — CSC केंद्र के माध्यम से आवेदन
पीएम विश्वकर्मा योजना में पंजीकरण केवल कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर ही कराया जा सकता है — पोर्टल पर डायरेक्ट सेल्फ-रजिस्ट्रेशन की सुविधा नहीं है:
- अपने नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर का पता https://locator.csccloud.in/ से लगाएं या ग्राम पंचायत में जाएं
- आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और चालू मोबाइल फोन लेकर जाएं
- सीएससी संचालक (VLE) आपका बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (फिंगरप्रिंट या आंख की पुतली) करेगा
- फॉर्म में आपकी विधा (ट्रेड), पारिवारिक विवरण और काम का ब्योरा भरकर सबमिट किया जाएगा
- मोबाइल पर आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) का एसएमएस प्राप्त होगा
- इसके बाद 15 से 45 दिनों में त्रिस्तरीय भौतिक सत्यापन होगा: – ग्राम प्रधान / वार्ड पार्षद द्वारा कारीगरी का सत्यापन – जिला स्तर पर उद्योग केंद्र (DIC) द्वारा अनुमोदन – राज्य स्तरीय समिति की अंतिम स्वीकृति
- सत्यापन होते ही पोर्टल से आपका पीएम विश्वकर्मा डिजिटल पहचान पत्र और प्रमाण पत्र डाउनलोड हो जाएगा
- इसके बाद आप ट्रेनिंग, ₹15,000 टूलकिट वाउचर और ₹1 लाख के ऋण के लिए पात्र हो जाते हैं
आवेदन की स्थिति (Application Status) कैसे चेक करें
- आधिकारिक वेबसाइट https://pmvishwakarma.gov.in पर जाएं
- “Applicant / Beneficiary Login” पर क्लिक करें
- अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और OTP दर्ज करके वर्तमान सत्यापन स्थिति देखें
लाभकोश पर संबंधित उपयोगी गाइड्स
- PM मुद्रा लोन: शिशु, किशोर, तरुण योजना से व्यवसाय ऋण
- उद्यम रजिस्ट्रेशन: छोटे उद्योगों के लिए मुफ्त ऑनलाइन पंजीकरण
- पीएम स्वनिधि: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ₹50,000 तक का सस्ता ऋण
- ई-श्रम कार्ड: असंगठित कामगारों के लिए रजिस्ट्रेशन व सरकारी लाभ
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अंतिम सत्यापन: 2026. आधिकारिक स्रोत: https://pmvishwakarma.gov.in
यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। यहाँ दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में कौन-कौन से 18 काम (ट्रेड) शामिल हैं?
बढ़ई, नाव बनाने वाले, अस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा/टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई बुनकर, पारंपरिक गुड़िया/खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली का जाल बुनने वाले। वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन व प्लंबर इसमें शामिल नहीं हैं।
क्या पति और पत्नी दोनों पीएम विश्वकर्मा में अलग-अलग पंजीकरण करा सकते हैं?
नहीं। योजना के नियमानुसार प्रति परिवार (स्वयं, पति/पत्नी और अविवाहित बच्चे) केवल एक ही सदस्य पंजीकरण कराने का पात्र है।
पीएम विश्वकर्मा ऋण पर वास्तविक ब्याज दर कितनी होती है?
प्रभावी ब्याज दर मात्र 5% सालाना है। बैंक की शेष ब्याज दर पर केंद्र सरकार 8% तक की सबवेंशन (सब्सिडी) स्वयं देती है।
क्या ₹15,000 की टूलकिट राशि नकद (Cash) मिलती है?
नहीं। यह ई-वाउचर के रूप में मिलती है जिसे GeM पोर्टल या अधिकृत दुकानों से आधुनिक औजार खरीदने के लिए ही उपयोग किया जा सकता है। इसे नकद नहीं निकाला जा सकता।
क्या मैं घर बैठे मोबाइल से पीएम विश्वकर्मा का ऑनलाइन फॉर्म भर सकता हूँ?
नहीं। योजना में बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य होने के कारण पंजीकरण केवल कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर ही कराया जा सकता है।