पीएम श्रम योगी मानधन योजना 2026: ₹3,000 मासिक पेंशन
ज़रूरी बातें एक नज़र में: 18 से 40 वर्ष के असंगठित कामगारों के लिए · 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 प्रति माह गारंटीकृत आजीवन पेंशन · 50:50 का समान अंशदान (जितना कामगार जमा करेगा, उतना ही केंद्र सरकार जमा करेगी) · पोर्टल maandhan.in · कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से 2 मिनट में नामांकन · ई-श्रम (E-Shram) कार्ड से स्वतः लिंक।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों — जैसे रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू नौकर, निर्माण मजदूर, रिक्शा चालक, कृषि श्रमिक, दर्जी, मोची, धोबी और 40 से अधिक अन्य श्रेणियों के मजदूरों के लिए शुरू की गई एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। 15 फरवरी 2019 को शुरू की गई इस योजना से वर्ष 2026 तक 50 लाख से अधिक कामगार जुड़ चुके हैं। इसमें 60 वर्ष की आयु के बाद जीवन भर ₹3,000 मासिक पेंशन की सरकारी गारंटी दी जाती है, और आपके द्वारा दी जाने वाली हर पाई के बराबर राशि सरकार अपनी तरफ से जमा करती है।
PM-SYM योजना कैसे काम करती है — मुख्य विशेषताएं
- निश्चित मासिक पेंशन: 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ₹3,000 प्रति माह (₹36,000 सालाना) सीधे बैंक खाते में
- समान सरकारी अंशदान: कामगार की उम्र के अनुसार तय मासिक अंशदान (₹55 से ₹200) में 50% हिस्सा केंद्र सरकार अपनी जेब से मिलाती है
- परिवार सुरक्षा (Family Pension): अंशधारक की मृत्यु के बाद पति या पत्नी को 50% पेंशन (₹1,500 प्रति माह) आजीवन मिलती है
- दोनों की मृत्यु के बाद: संचित पेंशन फंड का पूरा पैसा सीधे नॉमिनी के खाते में लौटा दिया जाता है
- अंशदान अवधि में मृत्यु पर: जीवनसाथी योजना को आगे जारी रख सकता है, अथवा ब्याज सहित जमा पैसा वापस निकाल सकता है
- प्रबंधन: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) इस पेंशन फंड का प्रबंधन और पेंशन का वितरण करता है
पात्रता — कौन खुलवा सकता है PM-SYM खाता
- 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक
- असंगठित क्षेत्र का कामगार होना आवश्यक है
- मासिक आय ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए (स्व-प्रमाणित)
- किसी भी बैंक में सक्रिय बचत खाता (मासिक ऑटो-डेबिट के लिए)
- आधार कार्ड होना अनिवार्य है
किन्हें लाभ नहीं मिलेगा (अपात्र)
- संगठित क्षेत्र के कामगार जो EPFO, ESIC या सरकारी NPS के सदस्य हैं
- आयकर दाता (Income Tax Payers)
- 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति
मासिक अंशदान चार्ट (Monthly Contribution Chart)
आपकी मासिक किस्त आपके प्रवेश की उम्र पर निर्भर करती है। सरकार प्रत्येक माह उतनी ही राशि अपनी ओर से मिलाती है:
| प्रवेश आयु (वर्ष) | कामगार का अंशदान | सरकार का अंशदान | कुल मासिक जमा | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|
| 18 वर्ष | ₹55 | ₹55 | ₹110 | न्यूनतम किस्त |
| 25 वर्ष | ₹80 | ₹80 | ₹160 | |
| 30 वर्ष | ₹105 | ₹105 | ₹210 | |
| 35 वर्ष | ₹150 | ₹150 | ₹300 | |
| 40 वर्ष | ₹200 | ₹200 | ₹400 | अधिकतम किस्त |
नियम: जितनी कम उम्र में जुड़ेंगे, ₹3,000 की गारंटीकृत पेंशन पाने के लिए हर महीने उतना ही कम पैसा देना होगा।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
- आधार कार्ड
- बैंक बचत खाता पासबुक / चेकबुक (जिसमें IFSC कोड दर्ज हो)
- आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर
- असंगठित कामगार होने का स्व-घोषणा पत्र (फॉर्म में स्वतः शामिल)
किसी भी प्रकार के आय प्रमाण पत्र या पेशा प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती है — केवल स्व-घोषणा ही मान्य है।
पंजीकरण कैसे करें — ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रिया
तरीका 1: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर (सबसे आसान)
- अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाएं (locator.csccloud.in से पता लगाएं)
- अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल फोन साथ ले जाएं
- सीएससी संचालक maandhan.in पोर्टल पर आपका फॉर्म भरेगा
- बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट से ई-केवाईसी पूरी होगी
- तुरंत विशिष्ट पेंशन नंबर वाला श्रम योगी पेंशन कार्ड (PM-SYM Card) प्रिंट होकर मिल जाएगा
- पहली किस्त नकद या खाते से कटेगी और बाद की किस्तें हर माह बैंक से स्वतः कटती रहेंगी
तरीका 2: आधिकारिक पोर्टल से स्वयं ऑनलाइन आवेदन
- आधिकारिक वेबसाइट https://maandhan.in पर जाएं और “Click Here to Apply Now” चुनें
- “Self Enrolment” विकल्प चुनें और मोबाइल नंबर व OTP दर्ज करें
- आधार नंबर, नाम, जन्मतिथि, बैंक खाता व IFSC कोड दर्ज करें
- ऑटो-डेबिट सहमति फॉर्म को आधार ओटीपी के जरिए ई-साइन (डिजिटल हस्ताक्षर) करें
- पेंशन कार्ड डाउनलोड करें और सुरक्षित रखें
तरीका 3: ई-श्रम (E-Shram) पोर्टल के माध्यम से
यदि आपके पास पहले से ई-श्रम कार्ड है, तो आप eshram.gov.in पर लॉगिन करके सीधे “PM-SYM पेंशन” लिंक से अपने पुराने डेटा के जरिए 1 क्लिक में पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।
योजना से बाहर निकलने (Exit) के नियम
- 10 वर्ष से पहले बाहर निकलने पर: कामगार को उसका पूरा अंशदान बचत बैंक ब्याज दर के साथ वापस मिल जाता है
- 10 वर्ष बाद किंतु 60 वर्ष से पहले बाहर निकलने पर: कामगार को उसका अंशदान फंड द्वारा अर्जित वास्तविक ब्याज दर या बैंक ब्याज (जो भी अधिक हो) के साथ लौटाया जाता है
- 60 वर्ष से पहले मृत्यु होने पर: पति या पत्नी योजना जारी रख सकते हैं, अथवा ब्याज सहित पूरा पैसा वापस ले सकते हैं
- 60 वर्ष के बाद मृत्यु होने पर: जीवनसाथी को आजीवन 50% यानी ₹1,500 प्रति माह पेंशन मिलती है
आधिकारिक हेल्पलाइन (Helpline Numbers)
| सेवा | नंबर / वेबसाइट |
|---|---|
| PM-SYM राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन | 1800-267-6888 |
| LIC पेंशन फंड सेल फोन | 022-67819240 |
| श्रम एवं रोजगार मंत्रालय पोर्टल | https://maandhan.in · https://eshram.gov.in |
लाभकोश पर संबंधित उपयोगी गाइड्स
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अंतिम सत्यापन: 2026. आधिकारिक स्रोत: https://maandhan.in · https://eshram.gov.in
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क्या ई-श्रम कार्ड बनने पर PM-SYM पेंशन अपने आप मिलने लगती है?
नहीं। ई-श्रम कार्ड से दुर्घटना बीमा मुफ्त मिलता है, लेकिन PM-SYM पेंशन एक स्वैच्छिक योजना है जिसमें मासिक अंशदान देना होता है। ई-श्रम पोर्टल पर जाकर आप इसे आसानी से शुरू कर सकते हैं।
क्या ₹3,000 की पेंशन राशि में महंगाई के अनुसार बढ़ोतरी होती है?
वर्तमान नियमों के अनुसार यह पेंशन ₹3,000 प्रति माह की निश्चित (Flat) गारंटीकृत राशि है। इसमें महंगाई भत्ते जैसी कोई स्वतः वृद्धि नहीं होती।
यदि योजना से जुड़ने के बाद मुझे नौकरी मिल जाए और PF कटने लगे तो क्या होगा?
संगठित क्षेत्र (EPFO) का सदस्य बनने पर आपको PM-SYM से बाहर होना पड़ेगा। इस स्थिति में आपके द्वारा जमा किया गया पूरा अंशदान ब्याज सहित आपको लौटा दिया जाता है।
PM-SYM योजना में जुड़ने की न्यूनतम व अधिकतम उम्र क्या है?
न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष है। 18 वर्ष की उम्र में मात्र ₹55 प्रति माह और 40 वर्ष की उम्र में ₹200 प्रति माह देना होता है।
यदि 60 वर्ष से पहले अंशधारक की मृत्यु हो जाए तो जमा पैसों का क्या होता है?
पति या पत्नी योजना को जारी रख सकते हैं, अथवा कामगार द्वारा जमा की गई पूरी राशि बचत बैंक ब्याज दर के साथ वापस निकाल सकते हैं। 60 वर्ष के बाद मृत्यु पर पत्नी को आजीवन ₹1,500 (50%) पेंशन मिलती है।