प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लिस्ट 2026: नाम कैसे चेक करें
ज़रूरी बातें एक नज़र में: मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख, पहाड़ी/पूर्वोत्तर/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख · 3 किस्तों में DBT सहायता · योजना 2028-29 तक विस्तारित (2 करोड़ नए घर) · आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in · राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-6446।
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) भारत सरकार की सबसे बड़ी ग्रामीण आवासीय योजना है। यदि आपका परिवार इस योजना की लाभार्थी सूची में चयनित होता है, तो पक्का मकान बनाने के लिए सरकार सीधे आपके बैंक खाते में आर्थिक सहायता भेजती है। योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में ₹1,20,000 और पहाड़ी/दुर्गम इलाकों में ₹1,30,000 का अनुदान 3 किस्तों में दिया जाता है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत 90-95 दिन की अकुशल मजदूरी भी मिलती है। कुल मिलाकर एक लाभार्थी परिवार को लगभग ₹2 लाख तक का कुल लाभ प्राप्त होता है।
PMAY-G योजना क्या है — क्या-क्या लाभ मिलते हैं
PMAY-G का उद्देश्य देश के ग्रामीण इलाकों में हर कच्चे और जर्जर मकान की जगह कम से कम 25 वर्ग मीटर का गुणवत्तापूर्ण पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जिसमें स्वच्छ रसोई, शौचालय, बिजली और गैस कनेक्शन शामिल हो:
- मकान निर्माण अनुदान: मैदानी राज्यों में ₹1.20 लाख; पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों में ₹1.30 लाख (100% अनुदान, कोई ऋण नहीं)।
- शौचालय प्रोत्साहन: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत अलग से ₹12,000 की सहायता।
- मनरेगा मजदूरी: लाभार्थी को अपने घर के निर्माण में काम करने के लिए मनरेगा के तहत 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी (लगभग ₹20,000–₹25,000)।
- मुफ़्त गैस व बिजली: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ़्त LPG कनेक्शन और सौभाग्य योजना से बिजली कनेक्शन।
- सीधा बैंक ट्रांसफर (DBT): पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे महिला मुखिया/लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में 3 किस्तों में आता है।
पात्रता — किसे मिलेगा आवास योजना का लाभ
लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC 2011) और आवास+ (Awaas+) सर्वेक्षण के आधार पर ग्राम सभा द्वारा सत्यापित सूची से होता है:
पात्र परिवार
- ऐसे परिवार जिनके पास कोई पक्का मकान नहीं है या जो कच्चे मकान (1 या 2 कमरों की कच्ची दीवार और कच्ची छत) में रहते हैं।
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यक वर्ग और दिव्यांगजन वाले परिवार।
- महिला मुखिया वाले परिवार या बेसहारा/भूमिहीन दिहाड़ी मजदूर परिवार।
- शहीद सैनिकों या अर्धसैनिक बलों के परिजनों के परिवार।
अपात्रता (किसे लाभ नहीं मिलेगा)
- परिवार में मोटर चालित तिपहिया या चार पहिया वाहन, कृषि उपकरण (ट्रैक्टर आदि) होना।
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा (नियमित कर्मचारी) में होना।
- परिवार में कोई सदस्य आयकर (Income Tax) या व्यावसायिक कर देता हो।
- ₹50,000 या उससे अधिक की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) होना।
- परिवार के पास पहले से पक्का मकान होना या मासिक आय ₹15,000 से अधिक होना।
PMAY-G नई लिस्ट 2026 में अपना नाम कैसे देखें — Step-by-Step
आप घर बैठे मोबाइल से अपने गाँव की पूरी आवास सूची देख सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट खोलें: https://pmayg.nic.in/
- मेनू में “Awaassoft” टैब पर जाएं और “Report” पर क्लिक करें।
- रिपोर्ट पेज पर नीचे स्क्रॉल करें और “H. Social Audit Reports” के अंतर्गत “Beneficiary details for verification” पर क्लिक करें।
- फिल्टर बॉक्स में क्रम से चुनें:
– अपना राज्य (State)
– अपना जिला (District)
– अपना ब्लॉक / तहसील (Block)
– अपनी ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) - वर्ष में “2025-2026” (या नवीनतम वर्ष) और योजना में “Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin” चुनें।
- कैप्चा गणितीय कोड (जैसे 45+20=65) भरकर “Submit” पर क्लिक करें।
- आपकी ग्राम पंचायत की पूरी सूची स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें लाभार्थी का नाम, पिता/पति का नाम, आवंटित राशि और किस्तों की स्थिति दिखती है। आप इसे “Download PDF” पर क्लिक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं।
किस्त की स्थिति (Installment / FTO Tracking) कैसे चेक करें
मकान की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की प्रगति के आधार पर 3 किस्तों में पैसा जारी होता है:
| किस्त | निर्माण का चरण | अनुमानित राशि |
|---|---|---|
| पहली किस्त (1st Installment) | आवास स्वीकृति और स्थल का जियो-टैगिंग सत्यापन | ₹40,000 (मैदानी), ₹48,000 (पहाड़ी) |
| दूसरी किस्त (2nd Installment) | नींव (Plinth Level) और दीवार निर्माण की फोटो अपलोड होने पर | ₹70,000 (मैदानी), ₹72,000 (पहाड़ी) |
| तीसरी किस्त (3rd Installment) | छत ढलने, प्लास्टर और खिड़की-दरवाजे लगने (मकान पूर्ण) पर | शेष राशि (लगभग ₹10,000) |
FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) का स्टेटस देखने का तरीका:
1. pmayg.nic.in पर जाकर “Stakeholders” मेनू में “IAY/PMAYG Beneficiary” पर क्लिक करें।
2. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (PMAY ID) दर्ज करें और सबमिट करें।
3. आपकी पूरी प्रोफाइल खुल जाएगी — जिसमें किस्तों की तारीख, FTO नंबर और बैंक खाते का स्टेटस दिखाई देगा।
यदि लिस्ट में नाम न हो तो क्या करें
- ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव से संपर्क करें: केंद्र सरकार द्वारा 2 करोड़ अतिरिक्त आवासों के विस्तार के तहत Awaas+ मोबाइल ऐप के ज़रिये छूटे हुए पात्र परिवारों का नया सर्वेक्षण किया जा रहा है। अपना नाम नए सर्वे में दर्ज करवाएं।
- ग्राम सभा की बैठक में भाग लें: नई आवास सूची का अनुमोदन ग्राम सभा में होता है। यदि आप पात्र हैं और नाम छूट गया है, तो ग्राम सभा में आपत्ति दर्ज कराएं।
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: pmayg.nic.in पोर्टल पर “Grievance” सेक्शन में जाकर सीधे शिकायत दर्ज की जा सकती है।
- किसी दलाल या एजेंट को पैसे न दें: यह योजना 100% सरकारी और मुफ़्त है। किसी भी बिचौलिए को आवास दिलाने के नाम पर एक भी रुपया न दें।
हेल्पलाइन व आधिकारिक संपर्क
| सेवा | नंबर / संपर्क |
|---|---|
| PMAY-G राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन | 1800-11-6446 |
| वैकल्पिक हेल्पलाइन नंबर | 1800-11-8111 |
| आधिकारिक पोर्टल | https://pmayg.nic.in |
| ईमेल सहायता | support-pmayg@gov.in |
संबंधित योजनाएं — LabhKosh
- स्वच्छ भारत शौचालय योजना 2026: ₹12,000 अनुदान
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अंतिम बार जाँचा गया: 20 अप्रैल 2026। आधिकारिक स्रोत: https://pmayg.nic.in
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PMAY-G (ग्रामीण) और PMAY-U (शहरी) में क्या अंतर है?
PMAY-G ग्रामीण क्षेत्रों (ग्राम पंचायतों) के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित है, जबकि PMAY-U नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों के लिए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है। दोनों के नियम, सब्सिडी और चयन प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं।
क्या आम नागरिक PMAY-G के लिए सीधे ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है?
नहीं, PMAY-G में सीधा व्यक्तिगत ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प नहीं होता। इसका चयन ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सरकारी सर्वेक्षण (Awaas+ App) और ग्राम सभा की मंजूरी से होता है। छूटे हुए लोग ग्राम पंचायत सचिव से नए सर्वे में नाम जुड़वा सकते हैं।
स्वीकृति मिलने के कितने दिन बाद पहली किस्त का पैसा बैंक में आता है?
जिला/ब्लॉक स्तर से आवास स्वीकृत होने और पहले चरण की जियो-टैगिंग होने के 30 से 60 दिनों के भीतर पहली किस्त बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
यदि किसी के पास कच्चा मकान है लेकिन 2011 सर्वे में नाम नहीं आया, तो क्या करें?
केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘Awaas+ 2024-2028’ विस्तार अभियान के तहत अपनी ग्राम पंचायत में आवेदन करें। नए सर्वे में छूटे हुए सभी पात्र परिवारों का नाम जोड़ा जा रहा है।
क्या आवास योजना के लिए राशन कार्ड होना अनिवार्य है?
राशन कार्ड अनिवार्य नहीं है, लेकिन राशन कार्ड होने से परिवार की पहचान और गरीबी श्रेणी का सत्यापन आसानी से हो जाता है। आधार कार्ड और बैंक पासबुक होना पूरी तरह अनिवार्य है।