पीएम मातृ वंदना योजना 2026: मातृत्व लाभ की पूरी गाइड
मुख्य बिंदु: पहले बच्चे के जन्म पर ₹5,000 की मातृत्व नकद सहायता · दूसरी संतान बालिका (बेटी) होने पर अतिरिक्त ₹6,000 (PMMVY 2.0 के तहत) · गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए वित्तीय संबल · आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता या ऑनलाइन wcd.nic.in/schemes/pmmvy के माध्यम से पंजीकरण।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की प्रमुख मातृत्व लाभ (Maternity Benefit) योजना है। जनवरी 2017 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण स्तर में सुधार और गर्भावस्था के दौरान मजदूरी के नुकसान की भरपाई हेतु सीधी नकद सहायता प्रदान करना है। वर्ष 2023 से लागू PMMVY 2.0 के तहत बालिकाओं को प्रोत्साहन देने के लिए दूसरी संतान बेटी होने पर ₹6,000 की विशेष नकद सहायता भी जोड़ी गई है।
योजना का लाभ — Benefits
पहले बच्चे के जन्म पर (बेटा या बेटी)
- कुल ₹5,000 की सहायता 2 किस्तों में सीधे बैंक खाते में:
- पहली किस्त (₹3,000): गर्भावस्था के प्रारंभिक पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) पूरी होने पर।
- दूसरी किस्त (₹2,000): शिशु के जन्म के बाद कम से कम 3.5 माह की आयु और प्राथमिक टीकाकरण का पहला चक्र (BCG, OPV, DPT) पूरा होने पर।
दूसरी संतान बालिका (बेटी) होने पर
- बेटी के जन्म के बाद एकमुश्त ₹6,000 की नकद सहायता।
- यह माता की दूसरी जीवित संतान होनी चाहिए और उसका बालिका होना अनिवार्य है।
जननी सुरक्षा योजना (JSY) के साथ संयुक्त लाभ
- सरकारी अस्पताल में संस्थागत प्रसव कराने पर जननी सुरक्षा योजना के तहत ₹700 से ₹1,400 अतिरिक्त मिलते हैं।
- इस प्रकार पहले बच्चे के जन्म पर कुल लाभ ₹5,700 से ₹6,400 तक पहुंच जाता है।
पात्रता मानदंड — Who Qualifies
अनिवार्य शर्तें
- आवेदक महिला भारतीय नागरिक होनी चाहिए।
- गर्भवती या धात्री (स्तनपान कराने वाली) माता।
- गर्भावस्था पंजीकरण के समय न्यूनतम आयु 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- प्रथम किस्त हेतु: महिला का यह पहला जीवित गर्भ/शिशु होना चाहिए।
- द्वितीय किस्त हेतु: दूसरी जीवित संतान बालिका होनी चाहिए।
- गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य केंद्र (ANM) या आंगनवाड़ी में पंजीकरण और एमसीपी (MCP) कार्ड बनवाना अनिवार्य है।
अपात्र श्रेणियां (Exclusions)
- केंद्र या राज्य सरकार में सेवारत नियमित सरकारी कर्मचारी (क्योंकि उन्हें पहले से वैधानिक सवैतनिक मातृत्व अवकाश मिलता है)।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में कार्यरत महिलाएं जिन्हें मातृत्व लाभ प्राप्त होता है।
आवश्यक दस्तावेज़ — Documents Required
- माता का आधार कार्ड (अनिवार्य)
- बैंक पासबुक (माता के नाम पर आधार व एनपीसीआई से लिंक खाता)
- एमसीपी कार्ड (Mother-Child Protection Card) — स्वास्थ्य केंद्र या एएनएम द्वारा जारी
- प्रसव पूर्व जांच (ANC) का रिकॉर्ड
- शिशु का टीकाकरण कार्ड (दूसरी किस्त हेतु)
- दूसरी संतान बेटी होने पर: दोनों बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र
- सक्रिय मोबाइल नंबर
आवेदन प्रक्रिया — Registration Process
प्राथमिक माध्यम: आंगनवाड़ी केंद्र / आशा कार्यकर्ता
- गर्भावस्था के प्रारंभिक महीनों (1-3 माह) में नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें।
- वे आधिकारिक पोर्टल पर आपका फॉर्म भरेंगी और आवश्यक विवरण दर्ज करेंगी।
- आधार, बैंक खाता और एमसीपी कार्ड का विवरण पंजीकृत किया जाएगा।
- पंजीकरण संख्या और पावती रसीद प्राप्त करें।
ऑनलाइन स्व-पंजीकरण
- आधिकारिक वेबसाइट https://wcd.nic.in/schemes/pmmvy या PMMVY पोर्टल खोलें।
- मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करें।
- गर्भावस्था और बैंक खाते का विवरण भरें।
- अपने क्षेत्र के नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र को चुनें (सत्यापन आंगनवाड़ी द्वारा ही किया जाता है)।
किस्त प्राप्त करने के चरण
चरण 1: पहली किस्त (₹3,000) – एमसीपी कार्ड पर गर्भावस्था का पंजीकरण करवाएं। – कम से कम 1 बार एएनसी (ANC) जांच पूरी करें। – आवेदन स्वीकृत होने के 15 से 30 दिनों में ₹3,000 बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं।
चरण 2: दूसरी किस्त (₹2,000) – बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाएं और प्राथमिक टीकाकरण (6, 10, 14 सप्ताह) पूरा करवाएं। – टीकाकरण पर्ची जमा करने पर ₹2,000 सीधे बैंक में आते हैं।
चरण 3: दूसरी संतान बालिका लाभ (₹6,000) – दूसरी संतान बेटी होने पर उसका जन्म प्रमाण पत्र और दोनों बच्चों के विवरण दर्ज करें। – सत्यापन के बाद एकमुश्त ₹6,000 की राशि खाते में अंतरित की जाती है।
आवेदन स्थिति कैसे चेक करें — Status Check
- PMMVY पोर्टल पर जाकर “Beneficiary Status” पर क्लिक करें।
- अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और ओटीपी अथवा एमसीपी कार्ड नंबर दर्ज करें।
- स्क्रीन पर अपने आवेदन की स्थिति और किस्तों का भुगतान ब्योरा देखें।
यदि किस्त नहीं आई है, तो सामान्य कारण: – बैंक खाते में आधार-NPCI लिंक न होना। – एमसीपी कार्ड का पोर्टल से सही तरीके से न जुड़ना। – पंजीकरण के समय माता की उम्र 19 वर्ष से कम होना।
हेल्पलाइन और संपर्क — Helpline
| विभाग / सेवा | संपर्क नंबर / वेबसाइट |
|---|---|
| महिला एवं बाल विकास मंत्रालय / आंगनवाड़ी | नजदीकी केंद्र |
| महिला हेल्पलाइन (राष्ट्रीय) | 181 |
| PMMVY केंद्रीय हेल्पलाइन | 011-23383400 |
| आधिकारिक पोर्टल | https://wcd.nic.in/schemes/pmmvy |
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अंतिम सत्यापन: 2026. आधिकारिक स्रोत: https://wcd.nic.in/schemes/pmmvy
यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। यहां दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है।
पीएम मातृ वंदना योजना के तहत कुल कितने रुपये मिलते हैं?
पहले बच्चे के जन्म पर ₹5,000 (दो किस्तों में) और दूसरी संतान बालिका होने पर ₹6,000 एकमुश्त मिलते हैं। कुल मिलाकर अधिकतम ₹11,000 तक की सहायता ली जा सकती है।
यदि पहली किस्त के बाद गर्भपात हो जाए तो क्या पैसे वापस करने होंगे?
नहीं, पहली किस्त गर्भावस्था की पुष्टि और एएनसी जांच के लिए होती है। इसके पैसे वापस नहीं करने पड़ते और भविष्य की गर्भावस्था में फिर से आवेदन किया जा सकता है।
क्या सरकारी कर्मचारी महिलाएं PMMVY के लिए पात्र हैं?
नहीं, केंद्र या राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी अपात्र हैं क्योंकि उन्हें सवैतनिक मातृत्व अवकाश का लाभ मिलता है। संविदा कर्मी महिलाएं नियमों के अधीन पात्र हो सकती हैं।
यदि मेरे दोनों बच्चे लड़कियां हैं तो क्या दोनों पर ₹6,000 मिलेंगे?
नहीं, पहली बेटी पर ₹5,000 (प्रथम बच्चे के तहत) और केवल दूसरी बेटी होने पर विशेष ₹6,000 का अतिरिक्त लाभ मिलता है।
क्या PMMVY का लाभ लेने के लिए अस्पताल में डिलीवरी जरूरी है?
नहीं, घर पर प्रसव होने पर भी यह लाभ मिलता है। हालांकि, सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत ₹1,400 अतिरिक्त मिलते हैं।