नमो शेतकरी महासन्मान योजना महाराष्ट्र 2026: किसानों को ₹6000/वर्ष

नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना महाराष्ट्र 2026: किसानों को ₹6,000 राज्य सहायता, स्टेटस व गाइड

मुख्य बिंदु: महाराष्ट्र के पात्र किसानों को पीएम-किसान के अतिरिक्त ₹6,000 प्रति वर्ष की राज्य सहायता · कुल वार्षिक सहायता: ₹12,000 प्रति किसान परिवार · पीएम-किसान डेटाबेस के माध्यम से स्वतः नामांकन (Auto-enrolled) · आधिकारिक पोर्टल: nsmny.mahait.org · अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं · राज्य के लगभग 94 लाख किसान परिवार लाभार्थी।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू की गई नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना (Namo Shetkari Maha Sanman Nidhi Yojana – NSMNY) केंद्र सरकार की पीएम-किसान योजना की तर्ज पर राज्य के किसानों के लिए एक विशेष वित्तीय संबल योजना है। इसके तहत महाराष्ट्र के उन सभी किसानों को, जो पहले से पीएम-किसान के तहत ₹6,000 सालाना पा रहे हैं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹6,000 प्रति वर्ष दिए जाते हैं। इस प्रकार महाराष्ट्र के किसान परिवारों को दोनों योजनाओं से मिलकर प्रतिवर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता प्राप्त होती है।

योजना का उद्देश्य — Goal

योजना के मुख्य उद्देश्य हैं: – महाराष्ट्र के छोटे और सीमांत किसानों की आय सहायता को दोगुना करना। – केंद्र सरकार की पीएम-किसान सहायता के साथ राज्य की ओर से समतुल्य आर्थिक सहयोग प्रदान करना। – अप्रत्याशित मौसम, सूखे और खाद-बीज की बढ़ती लागत के बीच किसानों को समय पर वित्तीय राहत देना।

लाभ संरचना और किस्त वितरण — Benefit Structure

  • वार्षिक सहायता राशि: ₹6,000 प्रति वर्ष महाराष्ट्र सरकार द्वारा।
  • किस्तों का स्वरूप: ₹2,000-₹2,000 की तीन समान किस्तों में भुगतान।
  • भुगतान का समय: पीएम-किसान के 4-मासिक चक्र (अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर, दिसंबर-मार्च) के साथ समन्वयित।
  • भुगतान माध्यम: आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)।
  • कवरेज: महाराष्ट्र के सभी पात्र किसान जो पीएम-किसान के तहत पंजीकृत हैं।

प्रतिवर्ष किसान परिवार को कुल सहायता: – पीएम-किसान (केंद्र सरकार): ₹6,000 – नमो शेतकरी (महाराष्ट्र सरकार): ₹6,000 – कुल संयुक्त सहायता: ₹12,000 प्रति वर्ष

पात्रता — Who Qualifies

योजना की सबसे बड़ी सरलता: यदि आपको पीएम-किसान (PM-KISAN) योजना की किस्त मिल रही है और आपकी भूमि महाराष्ट्र राज्य में स्थित है, तो आप नमो शेतकरी योजना के लिए स्वतः पात्र हैं।

अनिवार्य शर्तें

  • पीएम-किसान लाभार्थी डेटाबेस में सक्रिय नाम: किसान का नाम महाराष्ट्र के पते पर पीएम-किसान सूची में दर्ज होना चाहिए।
  • महाराष्ट्र का मूल निवासी: किसान महाराष्ट्र का स्थायी निवासी हो।
  • सक्रिय आधार-बैंक सीडिंग: बैंक खाता आधार से लिंक और NPCI डीबीटी सक्षम होना चाहिए।
  • बहिष्करण नियमों के दायरे में न हो: परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता, संवैधानिक पद पर आसीन या सरकारी पेंशनभोगी/कर्मचारी न हो।

अपात्रता (Who doesn’t qualify)

  • किसान जो पीएम-किसान योजना के लाभार्थी नहीं हैं।
  • गैर-महाराष्ट्र निवासी किसान (भले ही वे महाराष्ट्र में खेती करते हों, मूल निवास महाराष्ट्र का होना जरूरी है)।
  • जो व्यक्ति पीएम-किसान के बहिष्करण नियमों के तहत अपात्र हैं, वे नमो शेतकरी के लिए भी स्वतः अपात्र माने जाते हैं।

आवश्यक दस्तावेज़ — Documents (सामान्यतः आवश्यक नहीं!)

चूंकि नामांकन पीएम-किसान डेटाबेस से स्वतः होता है, सामान्यतः किसानों को अलग से कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करने पड़ते। केवल रिकॉर्ड में सुधार के समय निम्नलिखित दस्तावेज़ काम आते हैं:

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (आधार और NPCI से लिंक महाराष्ट्र का बैंक खाता)
  • पीएम-किसान रजिस्ट्रेशन नंबर
  • महाराष्ट्र 7/12 और 8A भू-अभिलेख (विवाद समाधान अथवा नाम मिलान हेतु)

क्या अलग से आवेदन करना पड़ता है? — Do I Need to Apply?

नहीं, सामान्यतः अलग से आवेदन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार समय-समय पर पीएम-किसान पोर्टल से महाराष्ट्र के सक्रिय लाभार्थियों का डेटा लेती है, nsmny.mahait.org बैकएंड पर सत्यापन करती है और सीधे डीबीटी द्वारा बैंक खाते में ₹2,000 की किस्त भेज देती है।

आपको कार्यवाही कब करनी होगी?

  • यदि आपकी पीएम-किसान किस्त रुकी हुई है: पहले pmkisan.gov.in पर जाकर ई-केवाईसी या लैंड सीडिंग ठीक कराएं।
  • बैंक खाते में आधार-NPCI मैपिंग निष्क्रिय है: बैंक शाखा जाकर तुरंत NPCI सीडिंग फॉर्म जमा करें (किस्त न आने का सबसे मुख्य कारण)।
  • पीएम-किसान रिकॉर्ड में गलत राज्य दर्ज है: पीएम-किसान में अपना पता महाराष्ट्र का करवाएं।
  • भूमि रिकॉर्ड में त्रुटि: अपने तलाठी (Talathi) या तहसीलदार कार्यालय से संपर्क कर 7/12 रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन कराएं।

लाभार्थी स्थिति कैसे चेक करें — Check Status

  1. आधिकारिक वेबसाइट https://nsmny.mahait.org खोलें।
  2. होमपेज पर “Beneficiary Status / लाभार्थी स्थिती” लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना पीएम-किसान रजिस्ट्रेशन नंबर अथवा आधार नंबर + कैप्चा दर्ज करें।
  4. मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके सबमिट करें।
  5. स्क्रीन पर आपको निम्न विवरण दिखाई देगा: – योजना में पात्रता एवं सक्रिय स्थिति (Active / Inactive) – अब तक जारी सभी किस्तों का भुगतान विवरण (₹2,000 प्रति किस्त) – बैंक खाता संख्या के अंतिम 4 अंक और यूटीआर नंबर

महत्वपूर्ण सुझाव: पहले pmkisan.gov.in पर अपनी स्थिति जांचें। यदि केंद्र की किस्त आ चुकी है लेकिन राज्य की किस्त पेंडिंग है, तो 30 से 45 दिन प्रतीक्षा करें, क्योंकि राज्य सरकार की डीबीटी प्रक्रिया केंद्र के कुछ सप्ताह बाद संपन्न होती है।

हेल्पलाइन एवं संपर्क सूत्र — Official Helpline

सेवा / कार्यालय संपर्क विवरण
नमो शेतकरी राज्य हेल्पडेस्क 022-22795591
महाराष्ट्र कृषि विभाग मुख्यालय 022-22795591
पीएम-किसान केंद्रीय हेल्पलाइन 155261 / 1800-115-526
ईमेल सहायता nsmny-mah[at]gov.in

किसान अपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु अपने संबंधित जिला कृषि अधिकारी (DAO) अथवा तहसीलदार कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।


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Last verified: 20 April 2026. Official source: https://nsmny.mahait.org · https://pmkisan.gov.in

यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग से संबंधित नहीं है। यहां दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।

क्या नमो शेतकरी योजना के लिए अलग से फॉर्म भरना पड़ता है?

सामान्यतः नहीं। यदि आप पीएम-किसान के पंजीकृत लाभार्थी हैं और आपका भू-अभिलेख महाराष्ट्र में है, तो आपका नाम स्वतः जुड़ जाता है। केवल बैंक सीडिंग या डेटा त्रुटि होने पर सुधार कराना होता है।

पीएम-किसान की किस्त आ गई लेकिन नमो शेतकरी की नहीं आई, क्यों?

राज्य सरकार का डीबीटी चक्र केंद्र सरकार से लगभग 30 से 45 दिन बाद चलता है। थोड़ा इंतजार करें; यदि फिर भी न आए तो nsmny.mahait.org पर आधार सीडिंग जांचें।

मेरी जमीन महाराष्ट्र में है लेकिन आधार दूसरे राज्य का है, क्या लाभ मिलेगा?

योजना में आधार के आधार पर मूल निवास का सत्यापन होता है। पहले आधार में महाराष्ट्र का आवासीय पता अपडेट कराएं, फिर पीएम-किसान पोर्टल पर विवरण सुधारें।

क्या नमो शेतकरी योजना में जमीन की कोई अधिकतम सीमा है?

योजना पीएम-किसान के नियमों पर आधारित है। महाराष्ट्र के सभी पीएम-किसान लाभार्थी इसके पात्र हैं, चाहे जमीन का आकार कुछ भी हो, बशर्ते वे आयकर दाता न हों।

क्या छूटी हुई पुरानी किस्तों का पैसा बाद में मिल सकता है?

नहीं। जिस किस्त चक्र में आपका सत्यापन पूर्ण होकर नाम सक्रिय होता है, आपको उसी समय से आगे की सभी नियमित किस्तें मिलनी शुरू होती हैं।

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