पासपोर्ट फीस और यात्रा नियम 2026: नए बदलाव क्या हैं? (जुलाई अपडेट)

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने भारतीय पासपोर्ट शुल्क, अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों और विदेशी नागरिकों के लिए इमिग्रेशन विनियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं। दुनिया भर में रहने वाले करोड़ों अनिवासी भारतीयों (NRIs), विशेष रूप से खाड़ी देशों में कार्यरत कामगारों और भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ये नए नियम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

यहाँ जानिए पासपोर्ट के नए शुल्क ढांचे, एयर सुविधा 2.0 (Air Suvidha) पोर्टल और संशोधित आव्रजन नियमों की संपूर्ण जानकारी।

1. 14 साल बाद पासपोर्ट शुल्क में भारी बढ़ोतरी

14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत सरकार ने नया पासपोर्ट बनवाने और नवीनीकरण (Reissue) के शुल्क में संशोधन किया है। ये नई दरें लागू हो चुकी हैं:

संशोधित पासपोर्ट शुल्क तालिका:

  • सामान्य 36-पेज पासपोर्ट: ₹1,500 से बढ़कर अब ₹2,500 हो गया है।
  • तत्काल 36-पेज पासपोर्ट: ₹3,500 से बढ़कर अब कुल ₹5,000।
  • सामान्य 60-पेज जंबो पासपोर्ट: ₹2,000 से बढ़कर अब ₹3,500।
  • तत्काल 60-पेज जंबो पासपोर्ट: ₹4,000 से बढ़कर अब कुल ₹6,000।
  • खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट री-इश्यू (36-पेज): ₹5,000 (सामान्य) / ₹7,500 (तत्काल)।
  • खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट री-इश्यू (60-पेज): ₹6,000 (सामान्य) / ₹8,500 (तत्काल)।
  • नाबालिग (18 वर्ष से कम) पासपोर्ट: ₹1,000 से बढ़कर ₹1,750 (सामान्य) / ₹3,000 से बढ़कर ₹4,250 (तत्काल)।

2. पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज़ है, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट कानूनी रूप से केवल एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज़ (Travel Document) है और यह भारतीय नागरिकता का पूर्ण या अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

इसके साथ ही उन्नत सुरक्षा वाले ई-पासपोर्ट (e-Passports) जारी करने का कार्य तेजी से जारी है। अब तक 1.47 करोड़ से अधिक ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। इनमें एक एम्बेडेड एंटीना और माइक्रो आरएफआईडी (RFID) चिप लगी होती है, जिसमें पासपोर्ट धारक का बायोमेट्रिक डेटा और व्यक्तिगत विवरण सुरक्षित रहता है, जिससे इमिग्रेशन जांच में तेजी आती है और फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश नहीं रहती।

3. एयर सुविधा 2.0 (Air Suvidha) पोर्टल की अनिवार्यता

वैश्विक स्वास्थ्य चिंताओं और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर सुविधा 2.0 पोर्टल शुरू किया है:

  • विदेश से भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ऑनलाइन स्वास्थ्य स्व-घोषणा प्रपत्र (Health Self-Declaration Form) भरना अनिवार्य है।
  • इस फॉर्म में यात्री को पिछले 21 दिनों की यात्रा का इतिहास, किसी संक्रामक रोग के संपर्क में आने और किसी भी लक्षण का विवरण देना होता है।
  • यह फॉर्म यात्रा शुरू होने से 24 घंटे पहले ऑनलाइन भरा जाना चाहिए। भारत में एयरपोर्ट पर उतरने के बाद इमिग्रेशन काउंटर या हेल्थ डेस्क पर इसकी डिजिटल या प्रिंटेड कॉपी दिखानी होती है।

4. विदेशी नागरिकों के लिए इमिग्रेशन पंजीकरण नियमों में राहत

भारत में लंबे समय तक रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए सरकार ने पंजीकरण नियमों को अधिक लचीला और आसान बनाया है:

  • पुराना नियम: 180 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद केवल 14 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य था।
  • नया नियम: अब 180 दिनों से अधिक रुकने के इच्छुक विदेशी नागरिक भारत आगमन के 180 दिन समाप्त होने से पहले किसी भी समय अपना विदेशी पंजीकरण (FRRO Registration) पूरा कर सकते हैं।

विशेष शर्तें:
– यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है, तो यह पंजीकरण शर्त लागू नहीं होती।
– यदि कोई बच्चा भारत में रहते हुए विदेशी नागरिकता प्राप्त करता है, तो माता-पिता को नागरिकता मिलने के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण अधिकारी (FRRO) को सूचित करना अनिवार्य है।


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